एफबीआई एजेंट ने पकड़ा दाऊद इब्राहिम का करीबी, अदालत में अंडरकवर स्टोरी बयां की

नई दिल्ली (एजेंसी)। अंडरकवर एफबीआई एजेंट ने जाल बिछाकर दाऊद इब्राहिम के करीबी और पाकिस्तानी नागरिक जाबिर मोतीवाला को दबोचने और उसके जुर्म की पूरी कहानी अदालत में सुनाई। एजेंट ने अदालत को बताया कि दाऊद के सहयोगी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका में एक बिलियन (68 अरब) की हेरोइन और नशा उत्पादों की तस्करी की है। सोमवार को एफबीआई ने प्रत्यर्पण की अपील के दौरान अदालत में उसके जुर्म की दास्तान सुनाई। अमेरिकी जांच एजेंसी उसे अमेरिका प्रत्यर्पित करने की कोशिश कर रही है। वह सिद्दीक उपनाम का इस्तेमाल करता है। अमेरिका में उसके खिलाफ मनी लांडरिंग, ब्लैकमेल, उगाही और अमेरिका में हेरोइन आयात करने का षड्यंत्र रचने के मामले चल रहे हैं। जिसमें उसे ट्रायल का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी सरकार की ओर से 52 साल के आरोपी को पेडिंगटन के हिल्टन होटल से मेट्रोपॉलिटन पुलिस की प्रत्यर्पण इकाई ने गिरफ्तार किया था। वह इस समय नीरव मोदी वाली वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।

मोतीवाला के प्रत्यर्पण पर तीन दिन सुनवाई होगी। अमेरिका सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे जॉन हार्डी क्यूसी ने बताया कि पूछताछ में उसने यह बात कबूली है कि वह डी कंपनी से जुड़ा हुआ है। डी कंपनी भारत, पाकिस्तान और यूएई में स्थित है। एफबीआई के तीन विश्वस्त सूत्रों ने मोतीवाला से बात की जिसमें उसने साफ किया कि वह डी कंपनी से जुड़ा है। हार्डी ने कहा, ‘इस कंपनी का मुखिया दाऊद इब्राहिम है जो भारतीय मुसलमान है और पाकिस्तान में छिपा हुआ है। वह और उसका भाई भारत में 1993 से ही भगोड़े हैं और पिछले 10 सालों में डी कंपनी ने अमेरिका में अपने ऑपरेशंस को अंजाम दिया है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘एफबीआई की जांच में सामने आया है कि मोतीवाला सीधे दाऊद को रिपोर्ट करता था और जबरन वसूली, उगाही और मनी लांड्रिंग उसके मुख्य काम हैं। वह लगातार यात्रा करता रहता है और चूंकि दाऊद यात्रा नहीं कर सकता इसलिए वह उसकी ओर से बैठक में शामिल होता है।’ मोतीवाला कराची में रहता था और उसके पास ब्रिटेन का 10 साल का वीजा है। वह वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुआ और अपनी आंखें उसने नीचे की हुई थीं। पाकिस्तान में पैदा हुए अमेरिकी नागरिक ने एफबीआई मुखबिर के तौर पर सारी जानकारी साझा की।

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