सोने चांदी के भाव में गिरावट का रुख, जाने क्या हैं आज के दाम और क्या रहेगा बजार का रुख

नई दिल्ली (एजेंसी) । सोने-चांदी का भाव (Gold and Silver Price) : सोने-चांदी की कीमत में सोमवार गिरावट देखी गई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों के सतर्क रुख के बीच सप्ताह के प्रथम दिन बजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार में बिकवाली के दबाव के चलते दोनों कीमती धातुओं के दामों में तेज नरमी देखने को मिली।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 8 जून को 24 कैरेट सोने की कीमत (Gold Price) में 3,470 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई, जिसके बाद इसका भाव घटकर 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। वहीं, चांदी की कीमत (Silver Price) में भी बड़ी गिरावट रही और 15,748 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती होकर 2.41 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।

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विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल बाजार से पैसा निकालकर नकदी सुरक्षित रखने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका असर सोने-चांदी समेत अन्य निवेश विकल्पों पर भी दिखाई दे रहा है।

इस साल रिकॉर्ड ऊंचाई से बड़ी गिरावट

सोने और चांदी की कीमतों (Gold and Silver Price) में वर्ष 2026 के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। वर्ष की शुरुआत में जहां सोना नई ऊंचाइयों पर पहुंचा था, वहीं अब इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को सोने का भाव 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर 1.76 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद से अब तक सोना करीब 25 हजार रुपये सस्ता हो चुका है।

चांदी में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था। 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया था। इसके बाद करीब 130 दिनों में चांदी 1.45 लाख रुपये प्रति किलो तक टूट चुकी है। केवल जून महीने के शुरुआती 8 दिनों में ही चांदी के दाम 22 हजार रुपये तक गिर चुके हैं।

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आगे क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, निवेशकों की जोखिम से दूरी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निकट भविष्य में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।

फिलहाल, निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगे।

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