कृष्ण जन्माष्टमी 2026: राशि के अनुसार लगाएं ये भोग होगा लाभ

जन्माष्टमी 2026: कैसे मिलेगी भय से मुक्ति बढ़ेगा आत्मविश्वास

रायपुर(अविरल समाचार). जन्माष्टमी 2026 (Janmashtami 2026): 4 सितंबर 2026 को शुक्रवार  की रात्रि 12 बजे शुक्र प्रधान वृषभ लग्न और बुधादित्य योग में जन्माष्टमी 2026 मनाई जायेगी। भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत श्रृंगार, पूजन इत्यादि कर के यदि राशी के अनुसार भोग लगाया जाये तो निश्चित ही जीवन को एक नई दिशा मिलेगी।

मेष : लड्डू और अनार का भोग लगाएं रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे।

वृषभ :  रसगुल्ले का भोग लगाएं तो हर मनोकामना पूर्ण होगी।

मिथुन : काजू की मिठाई अर्पित करें। इससे धन लाभ होगा।

कर्क : नारियल की बर्फी और नारियल का भोग लगाएं। पारीवारिक सुख बढेगा।

सिंह : गुड़ व बेल का फल भोग में चढ़ाएं। व्यवसाय में लाभ होगा।

कन्या : तुलसी के पत्ते और हरे फल का भोग लगाएं। आवास के समस्या हल होगी।

यह भी पढ़ें:

कृष्ण जन्माष्टमी 4 को: 15 वर्षों बाद रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि का विशेष योग

तुला : कलाकंद और सेब का भोग लगाएं।सभी समस्याओं का समधान होगा।

वृश्चिक : गुड़ की मिठाई का भोग लगाएं। लोकप्रियता बढेगी।

धनु :  कोई बेसन की मिठाई का भोग लगाएं। सौभाग्य में वृद्धि होगी।

मकर :  गुलाब जामुन और काले अंगूर का भोग लगाएं। न्याय मिलेगा।सभी समस्याओं से मिलेगी मुक्ति

कुंभ : पिसा धनिया और शक्कर तथा चीकू चढ़ाएं। स्थिरता आयेगी।

मीन :  जलेबी और केले का भोग लगाएं। रुके हुए काम शीघ्र पूरे होंगे।

दूर होगा भय, बढेगा आत्म विश्वास

यदि किसी भी तरह की बाधा य कोई भय आपको चिंतित कर रहा है। या आप महसूस कर रहे है कि आप में आत्म विश्वास की कमी है, तो भगवान श्रीकृष्ण को किसी भी अष्टमी को काली तिल और चावल अर्पित कर प्रतिदिन इस मंत्र का जाप 6 मिनट करें। भय से मुक्ति मिलेगी और आत्मविश्वास भी बढेगा।

मंत्र:   वसुदेव सुतम देवम, कंस चाणूर मर्दनम।      

         देवकी परमानन्दम कृष्णम वन्दे जगत गुरुम।।

Related Articles