16 वर्ष की उम्र से आंदोलन में शामिल रहे जेपी नड्डा आज संभालेंगे भाजपा की कमान, ताजपोशी के लिए पहुंचे कई दिग्गज नेता

नई दिल्ली (एजेंसी). भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कमान पूर्णरूप से जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) को सौंपी जा रही है. लोप्रोफाइल रहकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के हाई-प्रोफाइल नेता बनने का उनका सफर काफी लंबा रहा है. अपनी गजब की सांगठनिक क्षमता, टारगेट को पूरा करने का मिशनरी अंदाज और मिलनसार व्यक्तित्व की वजह से ही बीजेपी के सामूहिक नेतृत्व ने कई कद्दावर नेताओं को दरकिनार कर उन्हें अमित शाह का उत्तराधिकारी चुना गया है.

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जेपी नड्डा की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और संगठन में पैठ बढ़ती रही. वह पुराने नेतृत्व के भी करीब रहे तो आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के भी भरोसेमंद माने गए. अब बीजेपी की कमान उन्हें सौंपे जाने के बाद वह बीजेपी की ताकतवर तिकड़ी का हिस्सा बन गए हैं.

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भाजपा के कार्यकरी अध्यक्ष जेपी नड्डा की पार्टी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी आज होगी। उनका निर्वाचन आम सहमति से होगा। ताजपोशी से पहले राजधानी में देश के कई राज्यों के कार्यकर्ताओं ने डेरा डाल दिया है। सोमवार को ही पार्टीशासित सभी राज्यों के सीएम, डिप्टी सीएम, केंद्रीय मंत्री, केंद्रीय संगठन से जुड़े नेता, राज्यों के अध्यक्ष और संगठन मंत्री राजधानी पहुंचेंगे। दोपहर बाद नड्डा को अध्यक्ष निर्वाचित होने की घोषणा की जाएगी। परीक्षा पर चर्चा के बाद पीएम दोपहर बाद पार्टी मुख्यालय पहुंचेंगे। निर्वाचण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पीएम मुख्यालय में ही कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नड्डा अपनी नई टीम का गठन दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद करेंगे। नई टीम में बड़े बदलाव की जगह उनकी प्राथमिकता रिक्त पदों को भरने की होगी।

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मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाले जेपी नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 2 दिसंबर 1960 को हुआ था. नड्डा 16 साल की उम्र में जेपी आंदोलन से जुड़ गए थे. इसके बाद सीधे छात्र राजनीति से जुड़ गए. 1982 में उन्हें उनकी पैतृक जमीन हिमाचल में विद्यार्थी परिषद का प्रचारक बनाकर भेजा गया. वहां छात्रों के बीच नड्डा ने ऐसी लोकप्रियता हासिल कर ली थी कि उनके नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार एबीवीपी ने जीत हासिल की.

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1989 में जेपी नड्डा ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बने. 1991 में बीजेपी की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने. 1993 में वे हिमाचल प्रदेश से विधायक चुने गए और 1994 से लेकर 1998 तक राज्य विधानसभा में पार्टी के नेता रहे. 1998 में ही उन्हें स्वास्थ्य और संसदीय मामलों का मंत्री बनाया गया. 2007 में उन्होंने एक बार फिर जीत हासिल की. इस बार उन्हें वन पर्यावरण मंत्री बनाया गया.

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2010 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया. 2012 में नड्डा का करियर ग्राफ एक बार फिर चढ़ा और वे राज्यसभा में आ गए. 2014 में उन्हें बीजेपी संसदीय समिति का सचिव नियुक्त किया गया. 2014 में कैबिनेट पुनर्गठन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाया.

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