डीपीसी को लेकर नेता प्रतिपक्ष और पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू में हुई तीखी तकरार, जानिए क्या था मामला

रायपुर (अविरल समाचार) ताम्रध्वज साहू : विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान डीपीसी की प्रक्रिया को लेकर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू के बीच तीखी बहस हुई. बात नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के सरकार पर सारे वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर उठाए गए सवाल से हुई, जिसके जवाब में पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि आप लोग पहले डीपीसी कर दी होते तो आज यह स्थिति नहीं आती.

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जिस प्रकार से सरकार चल रही है उसमें सारे वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है. इस संबंध में मैंने पत्र भी लिखा है. 9 माह तक मुझे मंत्री की ओर से पत्र का जवाब नहीं आए हैं. अभी भी कहा जा रहा है कि प्रक्रियाधीन है. ऐसे मामलों को प्रक्रियाधीन नहीं रखा जाना चाहिए. तत्काल जांच कराकर जिन्हें हटाया जाना है, उन्हें हटाना चाहिए. अगर आवश्यकता किसी का आरोप पत्र वापस लेने की है तो आरोप पत्र वापस लेना चाहिए. पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार ऐतिहासिक ढंग से काम कर रही है. आप लोग पहले डीपीसी कर दी होते तो आज यह स्थिति नहीं आती.

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रश्नकाल के दौरान लोक निर्माण विभाग में कनिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी देने और वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि 3 अगस्त 2020 की स्थिति में विभाग में कार्यपालन अभियंता व उच्च पद पर वरिष्ठता सूची के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी के स्थान पर कनिष्ठ अधिकारियों को पदस्थ किया गया था. इसका कारण बताया जाए. उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभार देने के कारण कम महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का मुद्दा भी उठाया.

लोनिवि मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि किसी को दरकिनार करना या किसी को जिम्मेदारी देना ऐसा नहीं किया जाता. जहां जिसकी जो जरूरत होती है उससे वहां काम लिया जाता है. वरिष्ठता क्रम बदलता गया. पहले जो वरिष्ठता क्रम था उसके अनुसार जिम्मेदारी दी जा रही थी. इसके बाद कई परिवर्तन हुए उसके मुताबिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई. कुछ मामलों में जांच भी चल रही है. अलग-अलग अधिकारियों को उनकी वरीयता क्रम के मुताबिक अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किन-किन अधिकारियों के खिलाफ कोई प्रकरण चल रहा है? कोई मामला न्यायालय में लंबित है? लोनिवि मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि ईएनसी का जो पद होता है वह योग्यता और उनकी कार्य क्षमता के अनुसार ही जिम्मेदारी दी जाती है. ऐसा ही 2012 से 2018 के बीच भी जिम्मेदारी दी गई थी. पांचवें क्रम के अधिकारी को आप लोगों ने ईएनसी बनाया था. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिनके विरुद्ध विभागीय जांच चल रहे हैं मामले न्यायालय में लंबित है. ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है. ऐसे कौन से गुण है इन लोगों में? इसकी जानकारी सदन में देनी चाहिए.

इसके पहले पुन्नूलाल मोहले ने बलौदा बाजार के गिरौदपुरी धाम में महामहिम राष्ट्रपति के आगमन के दौरान दर्शन एवं सार्वजनिक भवन निर्माण के कार्यों के शिलान्यास का मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि इसके लिए कितनी राशि स्वीकृत की गई? अभी तक कितनी निर्माण कार्य प्रारंभ हुए?नहीं हुए तो क्यों नहीं हो पाए?

इसे लेकर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने जानकारी दी कि महामहिम राष्ट्रपति ने भूमिपूजन किया था. राशि 2 करोड़ 50 लाख इसके लिए स्वीकृत की गई थी. वर्तमान में लेआउट के अनुरूप नींव खुदाई का काम प्रगति पर है. पुन्नूलाल मोहले ने पूछा कि किस राष्ट्रपति ने किस का भूमिपूजन किया था?इसके जवाब में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि जो भी जानकारी विधायक मांग रहे हैं उन्हें उपलब्ध करा दूंगा. जनता कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा भारत में गिने-चुने राष्ट्रपति तो हुए हैं. कौन राष्ट्रपति छत्तीसगढ़ आया था अगर यह भी नहीं बता पाएंगे तो दुर्भाग्य है.

पुन्नूलाल मोहले ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भूमिपूजन किया था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी किस वजह से हुई यह बताना चाहिए. इस पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि कोरोना संक्रमण और लॉक डाउन की वजह से काम में देरी हुई वर्तमान में नींव की खुदाई प्रगति पर है.

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