शिवराज को बहुमत की उम्मीद, वापसी की राह देख रहे कमलनाथ, वोटर करेगा आखिरी फैसला

भोपाल: मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों समेत 10 राज्यों में विधानसभा की 54 सीटों पर आज वोट डाले जा रहे हैं. मध्य प्रदेश में ये उपचुनाव शिवराज सिंह चौहान सरकार का भविष्य तय करेंगे. मध्य प्रदेश की 25 सीटों पर मौजूदा कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होने की वजह से उपचुनाव हो रहे हैं. यह सभी विधायक अब बीजेपी उम्मीदवार हैं जबकि तीन अन्य सीटों पर मौजूदा विधायकों के निधन की वजह से उपचुनाव हो रहा है.

राज्य के इतिहास में यह पहला मौका है जब 230 सदस्यीय विधानसभा की 28 सीटों पर एक साथ उपचुनाव हो रहे हैं. इन चुनावों में प्रदेश के 12 मंत्रियों समेत कुल 355 उम्मीदवार मैदान में हैं. सत्ताधारी बीजेपी के पास 107 विधायक हैं और उसे बहुमत के लिये नौ और सीटों की जरूरत है जबकि कांग्रेस के पास सदन में 87 विधायक हैं.

मध्य प्रदेश की उपचुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी को बड़े बड़े दाव कर रही हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बहुमत की उम्मीद है, जिसके लिए उन्हें हर हाल में नौ सीटें जीतनी हैं. तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि यह चुनाव गद्दारों का इतिहास लिखेगा. कमलनाथ ने कहा, ”भारतीय लोकतंत्र का जब इतिहास लिखा जायेगा तब उसमें मध्यप्रदेश के उपचुनावों का एक पन्ना होगा जिसमें ग़द्दारों का नाम काले अक्षरों में लिखा जायेगा.”

वहीं एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ”कमलनाथ ने किसानों के साथ छल किया है और उनको इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा. कमलनाथ ने किसानों का कर्ज माफ करने का झूठा वादा किया लेकिन बीजेपी ने किसानों और उनके परिवारों को पैसा दिलवाया. कमलनाथ ने इमरती देवी के लिए अपशब्द कहे जिनका जवाब उन्हें जनता देगी. मध्य प्रदेश के उपचुनाव में हमें भारी जीत मिलेगी.”

जिन 28 सीटों पर आज उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही हैं उनमें 24 सीटें ऐसी हैं, जिन पर कांग्रेस और बीजेपी में सीधी टक्कर है. वहीं बाकी की चार सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई देखने को मिल रही है. मध्य प्रदेश की जनता ने पिछले दो विधानसभा चुनाव में जिस पैटर्न पर वोट किया है, वो बीजेपी की मुश्किल बढ़ा सकता है. पिछले दो विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह के 23 मंत्री अपनी विधायकी नहीं बचा पाए.

इस चुनाव में जिन दिग्गजों पर नजर रहेगी उनमें राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, ऐंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह, गिर्राज दंडोतिया, ओपीएस भदौरिया, सुरेश धाकड़, बृजेंद्र सिंह यादव, गोविंद सिंह राजपूत, प्रभु राम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, हरदीप सिंह डंग, इमरती देवी और महेंद्र सिंह सिसोदिया शामिल हैं. कमलनाथ के आइटम वाले बयान के बाद इमरती देवी खूब चर्चा में रहीं. इमरती देवी की सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही है. उन्होंने एक रैली में कहा भी था कि इस से चुनाव अब इमरती देवी नहीं, बल्कि खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया लड़ रहा है.

मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर युवा वोटर की संख्या बहुत ज्यादा है. आंकड़ों के मुताबिक इन 28 सीटों पर 1.5 लाख युवा वोटर पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. वहीं बुजुर्ग वोटर की बात करें तो 80 साल से ज्यादा के बुजुर्ग वोटर भी अपने अनुभव के आधार पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. वहीं वोटरों की कुल संख्या की बात करें तो 63 लाख वोटर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे. इनमें ग्वालियर पूर्व सीट पर सबसे ज्यादा 3.12 लाख वोटर हैं तो वहीं अनूपपुर में सबसे कम 1.59 लाख वोटर ही हैं.

कोरोना काल को देखते हुए चुनाव आयोग ने भी मध्य प्रदेश में उप चुनाव के लिए बेहद खास तैयारी की है. चुनाव अधिकारियों को 60 लाख मास्क, 1.95 लाख फेस शील्ड, 87 हजार लीटर सैनेटाइजर, 60 लाख ग्लव्स बांटे गए हैं. इसके साथ ही बूथ पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना के तमाम सुरक्षा उपाय रखने के निर्देश दिए गए हैं. आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक अगर किसी मतदाता का तापमान तय मानक से ज्यादा हुआ तो उसका वोट आखिरी के घंटे में डलवाया जाएगा.

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