ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में चीनी ठग ने लूटे 1100 करोड़ रुपए, हैदराबाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

हैदराबाद (एजेंसी) ऑनलाइन गेमिंग : हैदराबाद पुलिस ने चीन की एक बड़ी साजिश का खुलासा किया है, खबरों के मुताबिक एक चीनी नागरिक के इशारे पर करोड़ों रूपए का लेन-देन किया जा रहा था, ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए लोगों से पैसे लूटे जा रहे थे. चीनी नागरिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस नागरिक को ही पूरे ऑनलाइन गेमिंग धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, इसके तीन भारतीय साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है.

यह भी पढ़ें:

अब सबको मिलेगा ई-पासपोर्ट, हर घंटे दस हजार पासपोर्ट जारी करने की तैयारी

ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में ठगी पर हैदराबाद पुलिस कमिश्नर, अंजनी कुमार ने कहा कि ये सब गेमिंग वेबसाइट्स चाइना बेस्ड है, और जो इसका पूरा डेटा है, वो क्लाउड बेस्ड डेटा मैनेजमेंट है, पूरा ऑपरेशन चीन से ही ऑपरेट होता है.

यह भी पढ़ें:

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना मामले में प्रशांत भूषण को माना दोषी, 20 अगस्त को होगी सजा पर सुनवाई

दरअसल दो लोगों ने हैदराबाद पुलिस से शिकायत की थी कि उन्हें ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट द्वारा लूटा गया है, शिकायत के मुताबिक ऑनलाइन वेबसाइट पर इनसे दांव लगवाया गया. फिर एक से 97 हजार और दूसरे से 1 लाख 64 हजार रूपए धोखे से ले लिए गए. दोनों की शिकायत के आधार पर हैदराबाद पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू की, जांच के दौरान पता चला कि ऑनलाइन गेमिंग का आयोजन टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए किया जाता है. इन ग्रुप्स में सिर्फ रेफरेंस के आधार पर एंट्री मिलती थी. ग्रुप्स से जुड़े लोगों को नए मेंबर बनाने पर कमीशन दी जाती थी. इसमें टेलीग्राम वो इस्तेमाल होता था, और टेलीग्राम ग्रुप में सिर्फ रेफरेंस ही एंट्री मिल सकती है.

यह भी पढ़ें:

लैप्स पॉलिसी दोबारा शुरू करवाने का मौका दे रही है एलआईसी, ऐसे उठाएं फायदा

टेलीग्राम पर मौजूद इन ग्रुप्स में एडमिन उन वेबसाइट्स के बारे में बताते थे जहां पर दांव लगाए जाते थे, ये वेबसाइट्स रोज बदल दी जाती थी, जिससे पकड़े जाने की गुंजाइश बेहद कम हो जाए. इसके बाद एक रंग के जरिए दांव लगाने वाला गेम खिलाया जाता था, इसमें खिलाड़ियों को रंग पहचानने की भविष्यवाणी करनी होती थी. यानी अगर आपने जो रंग बोला, वही रंग गेम में निकल आता तो आप जीत जाते, ऐसा करके सैकड़ों करोड़ रूपए इन्होंने अबतक बना लिए थे. जांच में दो खातों का भी पता चला है जिनमें करीब 11 सौ करोड़ रूपए का लेनदेन हुआ है, और ये सारा लेनदेन इस साल का ही है.

यह भी पढ़ें:

बिना मोबाइल नंबर के भी चल सकता है WhatsApp, यहां जानिए कैसे

<

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password