वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए मुरली मनोहर जोशी, पूछे जाएंगे 1000 सवाल

नई दिल्ली(एजेंसी): बाबरी विवाद मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत में आज बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. उनसे करीब 1000 सवाल  पूछे जाएंगे. विशेष न्यायाधीश एसके यादव की अदालत में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत  बयान दर्ज किया जा रहा है. एक दिन बाद यानि शुक्रवार को लालकृष्ण आडवाणी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीबीआई की विशेष अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगे.

अयोध्या ढांचा विध्वंस मामले में 6 दिसंबर 1992 को थाना राम जन्मभूमि में एफआइआर दर्ज कराई गई थी. इस मामले में सीबीआइ ने जांच करते हुए 49 आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. वहीं, आरोपितों में से 17 की मौत हो चुकी है.

सभी गवाहों के बयान के बाद अभियुक्तों को अपनी सफाई पेश करने का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद सीबीआई और अभियुक्तों के वकीलों के बीच बहस होगी. उसके बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने 8 मई को विशेष अदालत को 31 अगस्त तक केस की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था.

6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी में विवादित मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया था. इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, अशोक सिंघल, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा सहित अन्य नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है.

गृह मंत्री अमित शाह ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी से उनके निवास पर मुलाकात की. इस दौरान भूपेंद्र यादव भी उनके साथ मौजूद थे. गृह मंत्री ने आडवाणी के स्वास्थ्य का हाल जाना. इसके अलावा यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि शुक्रवार को बाबरी ढ़ाचा विध्वंस मामले में लाल कृष्ण आडवाणी की कोर्ट में पेशी होनी है. जो वकील इस केस में आडवाणी को असिस्ट करेंगे उन वकीलों की टीम के साथ अमित शाह आडवाणी के घर पहुंचे थे.

करीब साढ़े चार बजे अमित शाह एलके आडवाणी के घर पहुंचे और 30 मिनट तक दोनों के बीच बात हुई. बताया जा रहा है कि शाह ने इस दौरान भूमि पूजन कार्यक्रम में शिरकत को लेकर भी आडवाणी से बात की. 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम में साधु संतों के अलावा पीएम नरेंद्र मोदी सहित करीब 150 लोग शामिल होने जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में बनने वाले भव्य राम मंदिर की आधारशिला रखेंगे. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का बखूबी पालन किया जाएगा. श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बुधवार को पुणे में कहा कि शिलान्यास समारोह में 150 आमंत्रितों सहित 200 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे.

स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण की आधारशिला रखने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के दर्शन करेंगे. साथ ही अयोध्या में हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जी की पूजा-अर्चना करेंगे. उन्होंने बताया कि शिलान्यास समारोह में अलग-अलग राज्यों के सभी मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया जाएगा.

अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर तीन दिवसीय वैदिक अनुष्ठानों के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. अनुष्ठान तीन अगस्त से शुरू होगा और 5 अगस्त को ‘भूमि पूजन’ के साथ ही समाप्त होगा.

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