प्याज की कीमतें नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 15 दिसंबर तक दी आयात नियमों में ढील

नई दिल्ली(एजेंसी): प्याज का भाव लगातार बढ़ रहा है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद सब्जी मंडियों में प्याज की बढ़ी हुई कीमत एक बार फिर आम आदमी को रूलाने को तैयार है. ऐसे में प्याज की बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार भी हरकत में आ गई हैं. सरकार ने घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति को बेहतर करने के लिए और कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 15 दिसंबर तक आयात के नियमों में ढील देने का फैसला किया है.

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि, 37 लाख टन की खरीफ की प्याज जल्द ही मंडियों में पहुंचेगी. इससे बाजार शांत करने में मदद मिलेगी. मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 10 दिनों में प्याज की कीमतों में 11.56 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है. इससे इसकी औसत राष्ट्रीय खुदरा भाव 51.95 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है. जो पिछले साल कीमत से 12.13 प्रतिशत ज्यादा है. गौरतलब है कि भारतीय उच्च आयोगों को भी निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित देशों में व्यापारियों से संपर्क कर देश में अधिक प्याज आयात के लिए प्रेरित करें.

बता दें कि देश में प्याज का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य महाराष्ट्र है. नासिक में इस समय प्याज 66 रुपये प्रति किलो बेचा जा रहा है. वहीं पिछले साल इसी वक्त प्याज 35 रुपये प्रति किलो पर बेचा जा रहा था. प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए और देश की मंडियों में प्याज की आपूर्ति को बेहतर करने के उद्देश्य से पिछले महीने ही सरकार ने इसके निर्यात पर भी रोक लगा दी थी.

प्याज की कीमतों में तेजी हाल के दिनों में ही देखने को मिली है. मंगलवार को चेन्नई में प्याज की खुदरा कीमतें 73 रुपये किलों पर पहुंच गई तो वहीं दिल्ली में प्याज 50 रुपये प्रति किलो पर बेचा जा रहा है. कोलकाता में प्याज की कीमत 65 रुपये प्रति किलो है तो मुंबई में 67 रुपये प्रति किलों प्याज बेचा जा रहा है. वहीं विशेषज्ञों और ट्रेडर्स के मुताबिक दक्षिण और पश्चिमी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सप्लाई में बाधा पहुंची है और खरीफ फसल की आवक भी प्रभाविक हुई है जो कि आने वाले सप्ताह में शुरू होनी हैं.

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