प्रबंधन में होगी आसानी, सोशल सिक्योरिटी स्कीमों को एक मंच पर लाना चाहती है सरकार

नई दिल्ली(एजेंसी): सरकार कम से कम आधा दर्जन सोशल सिक्योरिटी स्कीमों को एक ही छत के नीचे लाने की योजना बना रही है. इनमें वृद्धावस्था पेंशन और इंश्योरेंस स्कीम शामिल हैं. सरकार इन योजनाओं के प्रबंधन की लागत घटाने के लिए इसे एक साथ लाने  की कोशिश में है. सरकार प्रस्तावित सोशल सिक्योरिटी कानून के तहत सभी स्कीमों को साथ लाएगी. इससे सबसे निचले आर्थिक स्तर पर जी रही 20 फीसदी आबादी भी कवर हो जाएगी. इससे करोड़ों लोगों को फायदा होगा

श्रम मंत्रालय जल्द ही उन सोशल सिक्योरिटी स्कीमों की सूची तैयार करेगा, जिन्हें एक साथ लाया जा सकता है. सरकार सोशल सिक्योरिटी कानून तैयार कर रही है इसके प्रावधानों के तहत इन योजनाओं को एक साथ कवर किया जाएगा. जो सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स इसके तहत आएंगीं उनमें पीएम श्रम योगी मानधन स्कीम, पीएम लघु व्यापारी मानधन योजना और अटल पेंशन योजना भी शामिल हैं. ये सभी स्वैच्छिक योगदान पेंशन स्कीम हैं, जिनमें एक न्यूनतम राशि जमा करने से 60 साल के बाद लोगों को एक से डेढ़ हजार रुपये तक मासिक पेंशन मिलेगी.

सरकार की ओर से पूरी तरह फंडेड ओल्ड एड पेंशन स्कीम, हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जैसी स्कीमों को सोशल सिक्योरिटी स्कीमों को एक साथ लाने की योजना में शामिल किया जा सकता है.प्रस्तावित सोशल सिक्योरिटी कानून का सेक्शन 13 कहता है कि सभी स्कीमों को एक साथ लाया जा सकता है. अगर सरकार ऐसा करती है तो सोशल सिक्योरिटी स्कीमों के संचालन में उसकी सहूलियत बढ़ जाएगी. सरकार को इन स्कीमों को एक साथ लाने के लिए संसद की अनुमति की जरूरत नहीं होगी.  ऐसा करने से करोड़ों लोगों को फायदा हो सकता है. इससे स्कीमों के प्रबंधन की लागत घट जाएगी.

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